Wednesday, January 15, 2025

Sunday, December 1, 2024

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 अब बालक शब्द की पंचमी, षष्ठी, सप्तमी, और संबोधन विभक्तियों के प्रत्येक रूप के साथ 5-5 वाक्य उनके हिंदी अनुवाद सहित प्रस्तुत किए गए हैं:


पंचमी विभक्ति (अपादान)


एकवचन (बालकात्)


1. बालकात् पुस्तकं हरितम्। (लड़के से पुस्तक ली गई।)

2. गुरुजनः बालकात् प्रश्नं पृच्छन्ति। (गुरु लड़के से प्रश्न पूछते हैं।)

3. माता बालकात् फलम् आह्रियते। (माँ लड़के से फल लेती है।)

4. मित्रः बालकात् मार्गं ज्ञातवान्। (मित्र ने लड़के से रास्ता पूछा।)

5. शिक्षकः बालकात् लेखनीं स्वीकृतवान्। (शिक्षक ने लड़के से पेन लिया।)


द्विवचन (बालकाभ्यां)


1. शिक्षकः बालकाभ्यां उपदेशं लभते। (शिक्षक दो लड़कों से उपदेश पाता है।)

2. मित्रः बालकाभ्यां जलं गृहीतम्। (मित्र ने दो लड़कों से पानी लिया।)

3. माता बालकाभ्यां फलानि स्वीकृतानि। (माँ ने दो लड़कों से फल लिए।)

4. पिता बालकाभ्यां विचारं श्रुतवान्। (पिता ने दो लड़कों से विचार सुने।)

5. राजा बालकाभ्यां आशीर्वादं दत्तं। (राजा ने दो लड़कों से आशीर्वाद लिया।)


बहुवचन (बालकेभ्यः)


1. गुरुः बालकेभ्यः पुस्तकानि लभते। (गुरु लड़कों से पुस्तकें प्राप्त करते हैं।)

2. मित्रः बालकेभ्यः जलं गृहीतम्। (मित्र ने लड़कों से पानी लिया।)

3. माता बालकेभ्यः फलानि स्वीकृतानि। (माँ ने लड़कों से फल लिए।)

4. शिक्षकः बालकेभ्यः उपदेशं श्रुतवान्। (शिक्षक ने लड़कों से उपदेश सुने।)

5. राजा बालकेभ्यः विचारं स्वीकृतवान्। (राजा ने लड़कों से विचार लिए।)


षष्ठी विभक्ति (सम्बन्ध)


एकवचन (बालकस्य)


1. बालकस्य पुस्तकं नूतनम् अस्ति। (लड़के की किताब नई है।)

2. माता बालकस्य कक्षं मार्जयति। (माँ लड़के के कमरे को साफ करती है।)

3. पिता बालकस्य मित्रं स्मरति। (पिता लड़के के मित्र को याद करते हैं।)

4. गुरुजनः बालकस्य पाठं प्रशंसन्ति। (गुरु लड़के के पाठ की प्रशंसा करते हैं।)

5. मित्रः बालकस्य उद्यानं पश्यति। (मित्र लड़के के बगीचे को देखता है।)


द्विवचन (बालकयोः)


1. बालकयोः मित्रं उद्यानं गच्छति। (दो लड़कों का मित्र बगीचे में जाता है।)

2. पिता बालकयोः कक्षं शोभयति। (पिता दो लड़कों के कमरे को सजाते हैं।)

3. माता बालकयोः क्रीडायाः कथां कथयति। (माँ दो लड़कों के खेल की कहानी कहती है।)

4. शिक्षकः बालकयोः कार्यं प्रशंसति। (शिक्षक दो लड़कों के कार्य की प्रशंसा करते हैं।)

5. मित्रः बालकयोः पुस्तकं स्वीकृतवान्। (मित्र ने दो लड़कों की किताब ली।)


बहुवचन (बालकानाम्)


1. बालकानाम् पुस्तकानि यत्र-तत्र सन्ति। (लड़कों की किताबें यहाँ-वहाँ हैं।)

2. माता बालकानाम् कक्षं शोभयति। (माँ लड़कों के कमरे को सजाती है।)

3. पिता बालकानाम् विचारं श्रुत्वा प्रसन्नः। (पिता लड़कों के विचार सुनकर प्रसन्न हुए।)

4. गुरुजनः बालकानाम् पाठं प्रशंसन्ति। (गुरु लड़कों के पाठ की प्रशंसा करते हैं।)

5. मित्रः बालकानाम् उद्यानं पश्यति। (मित्र लड़कों के बगीचे को देखता है।)


सप्तमी विभक्ति (अधिकरण)


एकवचन (बालके)


1. बालके उद्यानं शोभते। (लड़के में बगीचा शोभित होता है।)

2. गुरुजनः बालके पाठं पठन्ति। (गुरु लड़के में पाठ पढ़ाते हैं।)

3. मित्रः बालके विश्वासं करोति। (मित्र लड़के पर विश्वास करता है।)

4. माता बालके स्नेहं करोति। (माँ लड़के पर स्नेह करती है।)

5. शिक्षकः बालके आशीर्वादं ददाति। (शिक्षक लड़के को आशीर्वाद देते हैं।)


द्विवचन (बालकयोः)


1. बालकयोः गृहे पुस्तकं अस्ति। (दो लड़कों के घर में किताब है।)

2. माता बालकयोः स्नेहं करोति। (माँ दो लड़कों पर स्नेह करती है।)

3. मित्रः बालकयोः विश्वासं करोति। (मित्र दो लड़कों पर विश्वास करता है।)

4. पिता बालकयोः क्रीडायां सन्तुष्टः। (पिता दो लड़कों के खेल में प्रसन्न हैं।)

5. शिक्षकः बालकयोः कार्यं पश्यति। (शिक्षक दो लड़कों के कार्य को देखते हैं।)


बहुवचन (बालकेषु)


1. बालकेषु स्नेहं करोति। (लड़कों में स्नेह करता है।)

2. गुरुः बालकेषु पाठं शिक्षयति। (गुरु लड़कों को पाठ पढ़ाते हैं।)

3. माता बालकेषु प्रेमं करोति। (माँ लड़कों पर प्रेम करती है।)

4. मित्रः बालकेषु विश्वासं करोति। (मित्र लड़कों पर विश्वास करता है।)

5. शिक्षकः बालकेषु आशीर्वादं ददाति। (शिक्षक लड़कों को आशीर्वाद देते हैं।)


संबोधन विभक्ति (आह्वान)


एकवचन (हे बालक)


1. हे बालक! पाठं पठ। (हे लड़के! पाठ पढ़ो।)

2. हे बालक! उद्यानं गच्छ। (हे लड़के! बगीचे में जाओ।)

3. हे बालक! जलं पिब। (हे लड़के! पानी पियो।)

4. हे बालक! फलानि खाद। (हे लड़के! फल खाओ।)

5. हे बालक! गीतं गाय। (हे लड़के! गीत गाओ।)


द्विवचन (हे बालकौ)


1. हे बालकौ! क्रीडायां रमेताम्। (हे दो लड़कों! खेल में रम जाओ।)

2. हे बालकौ! पाठं पठतम्। (हे दो लड़कों! पाठ पढ़ो।)

3. हे बालकौ! भोजनं कुर्वतम्। (हे दो लड़कों! भोजन करो।)

4. हे बालकौ! उद्यानं गच्छतम्। (हे दो लड़कों! बगीचे में जाओ।)

5. हे बालकौ! श्लोकं पठतम्। (हे दो लड़कों! श्लोक पढ़ो।)


बहुवचन (हे बालकाः)


1. हे बालकाः! पाठं पठत। (हे लड़कों! पाठ पढ़ो।)

2. हे बालकाः! उद्यानं गच्छत। (हे लड़कों! बगीचे में जाओ।)

3. हे बालकाः! क्रीडायां रमध्वम्। (हे लड़कों! खेल में रम जाओ।)

4. हे बालकाः! गीतं गायत। (हे लड़कों! गीत गाओ।)

5. हे बालकाः! फलानि खादत। (हे लड़कों! फल खाओ।)


अब सभी विभक्तियों के साथ वाक्य और उनके हिंदी अनुवाद पूरे किए गए हैं।

पोस्ट 2

 सम्पूर्ण रूप से सभी विभक्तियों और उनके वचनों के साथ प्रत्येक 5 वाक्य, उनके हिंदी अनुवाद सहित, यहाँ प्रस्तुत हैं:


प्रथमा विभक्ति (कर्ता) सम्पूर्ण रूप से सभी विभक्तियों और उनके वचनों के साथ प्रत्येक 5 वाक्य, उनके हिंदी अनुवाद सहित, यहाँ प्रस्तुत हैं:


प्रथमा विभक्ति (कर्ता)


एकवचन (बालकः)


1. बालकः पाठं पठति। (लड़का पाठ पढ़ता है।)

2. बालकः उद्यानं गच्छति। (लड़का बगीचे में जाता है।)

3. बालकः फलं खादति। (लड़का फल खाता है।)

4. बालकः जलं पिबति। (लड़का पानी पीता है।)

5. बालकः क्रीडति। (लड़का खेलता है।)


द्विवचन (बालकौ)


1. बालकौ गीतं गायतः। (दो लड़के गीत गाते हैं।)

2. बालकौ उद्यानं भ्रमतः। (दो लड़के बगीचे में घूमते हैं।)

3. बालकौ विद्यालयं गच्छतः। (दो लड़के विद्यालय जाते हैं।)

4. बालकौ पुस्तके लिखतः। (दो लड़के पुस्तक में लिखते हैं।)

5. बालकौ फलानि खादतः। (दो लड़के फल खाते हैं।)


बहुवचन (बालकाः)


1. बालकाः नदीं स्नानं कुर्वन्ति। (लड़के नदी में स्नान करते हैं।)

2. बालकाः गृहे गच्छन्ति। (लड़के घर जाते हैं।)

3. बालकाः गजं पश्यन्ति। (लड़के हाथी को देखते हैं।)

4. बालकाः पुस्तकानि पठन्ति। (लड़के पुस्तकें पढ़ते हैं।)

5. बालकाः क्रीडायां रमतः। (लड़के खेल में रमते हैं।)


द्वितीया विभक्ति (कर्म)


एकवचन (बालकम्)


1. गुरुः बालकम् आह्वयति। (गुरु लड़के को बुलाते हैं।)

2. माता बालकम् शिक्षयति। (माँ लड़के को सिखाती है।)

3. मित्रः बालकम् क्रीडायां निमन्त्रयति। (मित्र लड़के को खेल में बुलाता है।)

4. पिता बालकम् आशीर्वादं ददाति। (पिता लड़के को आशीर्वाद देते हैं।)

5. शिक्षकः बालकम् पाठं पठयति। (शिक्षक लड़के को पाठ पढ़ाते हैं।)


द्विवचन (बालकौ)


1. माता बालकौ भोजनं ददाति। (माँ दो लड़कों को भोजन देती है।)

2. गुरुजनः बालकौ पाठं पठयति। (गुरु दो लड़कों को पाठ पढ़ाते हैं।)

3. मित्रः बालकौ निमन्त्रयति। (मित्र दो लड़कों को बुलाता है।)

4. राजा बालकौ पुरस्कारं ददाति। (राजा दो लड़कों को पुरस्कार देते हैं।)

5. शिक्षकः बालकौ उपदेशं करोति। (शिक्षक दो लड़कों को उपदेश देते हैं।)


बहुवचन (बालकान्)


1. गुरुः बालकान् शिक्षां ददाति। (गुरु लड़कों को शिक्षा देते हैं।)

2. माता बालकान् प्रेम्णा आलिङ्गयति। (माँ लड़कों को प्रेम से गले लगाती है।)

3. मित्रः बालकान् पुस्तकानि ददाति। (मित्र लड़कों को किताबें देता है।)

4. राजा बालकान् पुरस्कृतं करोति। (राजा लड़कों को सम्मानित करता है।)

5. शिक्षकः बालकान् परीक्षा लिखयति। (शिक्षक लड़कों को परीक्षा लिखाते हैं।)


तृतीया विभक्ति (करण)


एकवचन (बालकेन)


1. बालकेन पुस्तकं पठ्यते। (लड़के द्वारा पुस्तक पढ़ी जाती है।)

2. बालकेन चित्रं अंकितं। (लड़के द्वारा चित्र बनाया गया।)

3. बालकेन मित्रं सहायतं करोति। (लड़के ने मित्र की सहायता की।)

4. बालकेन फलं खद्यम्। (लड़के ने फल खाया।)

5. बालकेन क्रीडा शोभते। (लड़के से खेल शोभित होता है।)


द्विवचन (बालकाभ्यां)


1. बालकाभ्यां पुस्तकं रचितम्। (दो लड़कों ने किताब लिखी।)

2. बालकाभ्यां वृक्षः सीचितः। (दो लड़कों ने पेड़ सींचा।)

3. बालकाभ्यां पठनं कृतम्। (दो लड़कों ने पढ़ाई की।)

4. बालकाभ्यां खेलं दर्शितम्। (दो लड़कों ने खेल दिखाया।)

5. बालकाभ्यां उद्यानं शोभितम्। (दो लड़कों से बगीचा शोभित हुआ।)


बहुवचन (बालकैः)


1. बालकैः गीतं गायते। (लड़कों द्वारा गीत गाया गया।)

2. बालकैः गृहं शोभते। (लड़कों से घर शोभित होता है।)

3. बालकैः कार्यं समाप्तम्। (लड़कों ने कार्य समाप्त किया।)

4. बालकैः फलानि संगृहीतानि। (लड़कों ने फल इकट्ठा किए।)

5. बालकैः उद्यानं भ्रमितम्। (लड़कों ने बगीचे में भ्रमण किया।)


चतुर्थी विभक्ति (सम्प्रदान)


एकवचन (बालकाय)


1. माता बालकाय भोजनं ददाति। (माँ लड़के को भोजन देती है।)

2. पिता बालकाय उपदेशं ददाति। (पिता लड़के को उपदेश देते हैं।)

3. गुरुः बालकाय पाठं पठयति। (गुरु लड़के को पाठ पढ़ाते हैं।)

4. मित्रः बालकाय उपहारं ददाति। (मित्र लड़के को उपहार देता है।)

5. शिक्षकः बालकाय पुरस्कारं लिखति। (शिक्षक लड़के के लिए पुरस्कार लिखते हैं।)


द्विवचन (बालकाभ्यां)


1. माता बालकाभ्यां भोजनं पूरयति। (माँ दो लड़कों को भोजन भरती है।)

2. पिता बालकाभ्यां आशीर्वादं ददाति। (पिता दो लड़कों को आशीर्वाद देते हैं।)

3. मित्रः बालकाभ्यां फलम् अर्पयति। (मित्र दो लड़कों को फल देता है।)

4. शिक्षकः बालकाभ्यां पाठं पठयति। (शिक्षक दो लड़कों को पाठ पढ़ाते हैं।)

5. राजा बालकाभ्यां पुरस्कारं ददाति। (राजा दो लड़कों को पुरस्कार देते हैं।)


बहुवचन (बालकेभ्यः)


1. गुरुजनः बालकेभ्यः शिक्षां ददन्ति। (गुरु लड़कों को शिक्षा देते हैं।)

2. मित्रं बालकेभ्यः उपहारं वितरति। (मित्र लड़कों को उपहार बाँटता है।)

सम्पूर्ण रूप से सभी विभक्तियों और उनके वचनों के साथ प्रत्येक 5 वाक्य, उनके हिंदी अनुवाद सहित, यहाँ प्रस्तुत हैं:


प्रथमा विभक्ति (कर्ता)


एकवचन (बालकः)


1. बालकः पाठं पठति। (लड़का पाठ पढ़ता है।)

2. बालकः उद्यानं गच्छति। (लड़का बगीचे में जाता है।)

3. बालकः फलं खादति। (लड़का फल खाता है।)

4. बालकः जलं पिबति। (लड़का पानी पीता है।)

5. बालकः क्रीडति। (लड़का खेलता है।)


द्विवचन (बालकौ)


1. बालकौ गीतं गायतः। (दो लड़के गीत गाते हैं।)

2. बालकौ उद्यानं भ्रमतः। (दो लड़के बगीचे में घूमते हैं।)

3. बालकौ विद्यालयं गच्छतः। (दो लड़के विद्यालय जाते हैं।)

4. बालकौ पुस्तके लिखतः। (दो लड़के पुस्तक में लिखते हैं।)

5. बालकौ फलानि खादतः। (दो लड़के फल खाते हैं।)


बहुवचन (बालकाः)


1. बालकाः नदीं स्नानं कुर्वन्ति। (लड़के नदी में स्नान करते हैं।)

2. बालकाः गृहे गच्छन्ति। (लड़के घर जाते हैं।)

3. बालकाः गजं पश्यन्ति। (लड़के हाथी को देखते हैं।)

4. बालकाः पुस्तकानि पठन्ति। (लड़के पुस्तकें पढ़ते हैं।)

5. बालकाः क्रीडायां रमतः। (लड़के खेल में रमते हैं।)


द्वितीया विभक्ति (कर्म)


एकवचन (बालकम्)


1. गुरुः बालकम् आह्वयति। (गुरु लड़के को बुलाते हैं।)

2. माता बालकम् शिक्षयति। (माँ लड़के को सिखाती है।)

3. मित्रः बालकम् क्रीडायां निमन्त्रयति। (मित्र लड़के को खेल में बुलाता है।)

4. पिता बालकम् आशीर्वादं ददाति। (पिता लड़के को आशीर्वाद देते हैं।)

5. शिक्षकः बालकम् पाठं पठयति। (शिक्षक लड़के को पाठ पढ़ाते हैं।)


द्विवचन (बालकौ)


1. माता बालकौ भोजनं ददाति। (माँ दो लड़कों को भोजन देती है।)

2. गुरुजनः बालकौ पाठं पठयति। (गुरु दो लड़कों को पाठ पढ़ाते हैं।)

3. मित्रः बालकौ निमन्त्रयति। (मित्र दो लड़कों को बुलाता है।)

4. राजा बालकौ पुरस्कारं ददाति। (राजा दो लड़कों को पुरस्कार देते हैं।)

5. शिक्षकः बालकौ उपदेशं करोति। (शिक्षक दो लड़कों को उपदेश देते हैं।)


बहुवचन (बालकान्)


1. गुरुः बालकान् शिक्षां ददाति। (गुरु लड़कों को शिक्षा देते हैं।)

2. माता बालकान् प्रेम्णा आलिङ्गयति। (माँ लड़कों को प्रेम से गले लगाती है।)

3. मित्रः बालकान् पुस्तकानि ददाति। (मित्र लड़कों को किताबें देता है।)

4. राजा बालकान् पुरस्कृतं करोति। (राजा लड़कों को सम्मानित करता है।)

5. शिक्षकः बालकान् परीक्षा लिखयति। (शिक्षक लड़कों को परीक्षा लिखाते हैं।)


तृतीया विभक्ति (करण)


एकवचन (बालकेन)


1. बालकेन पुस्तकं पठ्यते। (लड़के द्वारा पुस्तक पढ़ी जाती है।)

2. बालकेन चित्रं अंकितं। (लड़के द्वारा चित्र बनाया गया।)

3. बालकेन मित्रं सहायतं करोति। (लड़के ने मित्र की सहायता की।)

4. बालकेन फलं खद्यम्। (लड़के ने फल खाया।)

5. बालकेन क्रीडा शोभते। (लड़के से खेल शोभित होता है।)


द्विवचन (बालकाभ्यां)


1. बालकाभ्यां पुस्तकं रचितम्। (दो लड़कों ने किताब लिखी।)

2. बालकाभ्यां वृक्षः सीचितः। (दो लड़कों ने पेड़ सींचा।)

3. बालकाभ्यां पठनं कृतम्। (दो लड़कों ने पढ़ाई की।)

4. बालकाभ्यां खेलं दर्शितम्। (दो लड़कों ने खेल दिखाया।)

5. बालकाभ्यां उद्यानं शोभितम्। (दो लड़कों से बगीचा शोभित हुआ।)


बहुवचन (बालकैः)


1. बालकैः गीतं गायते। (लड़कों द्वारा गीत गाया गया।)

2. बालकैः गृहं शोभते। (लड़कों से घर शोभित होता है।)

3. बालकैः कार्यं समाप्तम्। (लड़कों ने कार्य समाप्त किया।)

4. बालकैः फलानि संगृहीतानि। (लड़कों ने फल इकट्ठा किए।)

5. बालकैः उद्यानं भ्रमितम्। (लड़कों ने बगीचे में भ्रमण किया।)


चतुर्थी विभक्ति (सम्प्रदान)


एकवचन (बालकाय)


1. माता बालकाय भोजनं ददाति। (माँ लड़के को भोजन देती है।)

2. पिता बालकाय उपदेशं ददाति। (पिता लड़के को उपदेश देते हैं।)

3. गुरुः बालकाय पाठं पठयति। (गुरु लड़के को पाठ पढ़ाते हैं।)

4. मित्रः बालकाय उपहारं ददाति। (मित्र लड़के को उपहार देता है।)

5. शिक्षकः बालकाय पुरस्कारं लिखति। (शिक्षक लड़के के लिए पुरस्कार लिखते हैं।)


द्विवचन (बालकाभ्यां)


1. माता बालकाभ्यां भोजनं पूरयति। (माँ दो लड़कों को भोजन भरती है।)

2. पिता बालकाभ्यां आशीर्वादं ददाति। (पिता दो लड़कों को आशीर्वाद देते हैं।)

3. मित्रः बालकाभ्यां फलम् अर्पयति। (मित्र दो लड़कों को फल देता है।)

4. शिक्षकः बालकाभ्यां पाठं पठयति। (शिक्षक दो लड़कों को पाठ पढ़ाते हैं।)

5. राजा बालकाभ्यां पुरस्कारं ददाति। (राजा दो लड़कों को पुरस्कार देते हैं।)


बहुवचन (बालकेभ्यः)


1. गुरुजनः बालकेभ्यः शिक्षां ददन्ति। (गुरु लड़कों को शिक्षा देते हैं।)

2. सम्पूर्ण रूप से सभी विभक्तियों और उनके वचनों के साथ प्रत्येक 5 वाक्य, उनके हिंदी अनुवाद सहित, यहाँ प्रस्तुत हैं:


प्रथमा विभक्ति (कर्ता)


एकवचन (बालकः)


1. बालकः पाठं पठति। (लड़का पाठ पढ़ता है।)

2. बालकः उद्यानं गच्छति। (लड़का बगीचे में जाता है।)

3. बालकः फलं खादति। (लड़का फल खाता है।)

4. बालकः जलं पिबति। (लड़का पानी पीता है।)

5. बालकः क्रीडति। (लड़का खेलता है।)


द्विवचन (बालकौ)


1. बालकौ गीतं गायतः। (दो लड़के गीत गाते हैं।)

2. बालकौ उद्यानं भ्रमतः। (दो लड़के बगीचे में घूमते हैं।)

3. बालकौ विद्यालयं गच्छतः। (दो लड़के विद्यालय जाते हैं।)

4. बालकौ पुस्तके लिखतः। (दो लड़के पुस्तक में लिखते हैं।)

5. बालकौ फलानि खादतः। (दो लड़के फल खाते हैं।)


बहुवचन (बालकाः)


1. बालकाः नदीं स्नानं कुर्वन्ति। (लड़के नदी में स्नान करते हैं।)

2. बालकाः गृहे गच्छन्ति। (लड़के घर जाते हैं।)

3. बालकाः गजं पश्यन्ति। (लड़के हाथी को देखते हैं।)

4. बालकाः पुस्तकानि पठन्ति। (लड़के पुस्तकें पढ़ते हैं।)

5. बालकाः क्रीडायां रमतः। (लड़के खेल में रमते हैं।)


द्वितीया विभक्ति (कर्म)


एकवचन (बालकम्)


1. गुरुः बालकम् आह्वयति। (गुरु लड़के को बुलाते हैं।)

2. माता बालकम् शिक्षयति। (माँ लड़के को सिखाती है।)

3. मित्रः बालकम् क्रीडायां निमन्त्रयति। (मित्र लड़के को खेल में बुलाता है।)

4. पिता बालकम् आशीर्वादं ददाति। (पिता लड़के को आशीर्वाद देते हैं।)

5. शिक्षकः बालकम् पाठं पठयति। (शिक्षक लड़के को पाठ पढ़ाते हैं।)


द्विवचन (बालकौ)


1. माता बालकौ भोजनं ददाति। (माँ दो लड़कों को भोजन देती है।)

2. गुरुजनः बालकौ पाठं पठयति। (गुरु दो लड़कों को पाठ पढ़ाते हैं।)

3. मित्रः बालकौ निमन्त्रयति। (मित्र दो लड़कों को बुलाता है।)

4. राजा बालकौ पुरस्कारं ददाति। (राजा दो लड़कों को पुरस्कार देते हैं।)

5. शिक्षकः बालकौ उपदेशं करोति। (शिक्षक दो लड़कों को उपदेश देते हैं।)


बहुवचन (बालकान्)


1. गुरुः बालकान् शिक्षां ददाति। (गुरु लड़कों को शिक्षा देते हैं।)

2. माता बालकान् प्रेम्णा आलिङ्गयति। (माँ लड़कों को प्रेम से गले लगाती है।)

3. मित्रः बालकान् पुस्तकानि ददाति। (मित्र लड़कों को किताबें देता है।)

4. राजा बालकान् पुरस्कृतं करोति। (राजा लड़कों को सम्मानित करता है।)

5. शिक्षकः बालकान् परीक्षा लिखयति। (शिक्षक लड़कों को परीक्षा लिखाते हैं।)


तृतीया विभक्ति (करण)


एकवचन (बालकेन)


1. बालकेन पुस्तकं पठ्यते। (लड़के द्वारा पुस्तक पढ़ी जाती है।)

2. बालकेन चित्रं अंकितं। (लड़के द्वारा चित्र बनाया गया।)

3. बालकेन मित्रं सहायतं करोति। (लड़के ने मित्र की सहायता की।)

4. बालकेन फलं खद्यम्। (लड़के ने फल खाया।)

5. बालकेन क्रीडा शोभते। (लड़के से खेल शोभित होता है।)


द्विवचन (बालकाभ्यां)


1. बालकाभ्यां पुस्तकं रचितम्। (दो लड़कों ने किताब लिखी।)

2. बालकाभ्यां वृक्षः सीचितः। (दो लड़कों ने पेड़ सींचा।)

3. बालकाभ्यां पठनं कृतम्। (दो लड़कों ने पढ़ाई की।)

4. बालकाभ्यां खेलं दर्शितम्। (दो लड़कों ने खेल दिखाया।)

5. बालकाभ्यां उद्यानं शोभितम्। (दो लड़कों से बगीचा शोभित हुआ।)


बहुवचन (बालकैः)


1. बालकैः गीतं गायते। (लड़कों द्वारा गीत गाया गया।)

2. बालकैः गृहं शोभते। (लड़कों से घर शोभित होता है।)

3. बालकैः कार्यं समाप्तम्। (लड़कों ने कार्य समाप्त किया।)

4. बालकैः फलानि संगृहीतानि। (लड़कों ने फल इकट्ठा किए।)

5. बालकैः उद्यानं भ्रमितम्। (लड़कों ने बगीचे में भ्रमण किया।)


चतुर्थी विभक्ति (सम्प्रदान)


एकवचन (बालकाय)


1. माता बालकाय भोजनं ददाति। (माँ लड़के को भोजन देती है।)

2. पिता बालकाय उपदेशं ददाति। (पिता लड़के को उपदेश देते हैं।)

3. गुरुः बालकाय पाठं पठयति। (गुरु लड़के को पाठ पढ़ाते हैं।)

4. मित्रः बालकाय उपहारं ददाति। (मित्र लड़के को उपहार देता है।)

5. शिक्षकः बालकाय पुरस्कारं लिखति। (शिक्षक लड़के के लिए पुरस्कार लिखते हैं।)


द्विवचन (बालकाभ्यां)


1. माता बालकाभ्यां भोजनं पूरयति। (माँ दो लड़कों को भोजन भरती है।)

2. पिता बालकाभ्यां आशीर्वादं ददाति। (पिता दो लड़कों को आशीर्वाद देते हैं।)

3. मित्रः बालकाभ्यां फलम् अर्पयति। (मित्र दो लड़कों को फल देता है।)

4. शिक्षकः बालकाभ्यां पाठं पठयति। (शिक्षक दो लड़कों को पाठ पढ़ाते हैं।)

5. राजा बालकाभ्यां पुरस्कारं ददाति। (राजा दो लड़कों को पुरस्कार देते हैं।)


बहुवचन (बालकेभ्यः)


1. गुरुजनः बालकेभ्यः शिक्षां ददन्ति। (गुरु लड़कों को शिक्षा देते हैं।)

2. मित्रं बालकेभ्यः उपहारं वितरति। (मित्र लड़कों को उपहार बाँटता है।)

3. माता बालकेभ्यः भोजनं पूरयति। (माँ लड़कों का भोजन भरती है।)

4. शिक्षकः बालकेभ्यः पाठं पठयति। (शिक्षक लड़कों को पाठ पढ़ाते हैं।)

5. पिता बालकेभ्यः आशीर्वादं करोति। (पिता लड़कों को आशीर्वाद देते हैं।)


आगे की विभक्तियों (पंचमी, षष्ठी, सप्तमी, संबोधन) के वाक्य भी इसी क्रम में बनाए जाएँगे। यदि आप पूरी सूची चाहते हैं तो बताइए। मित्रं बालकेभ्यः उपहारं वितरति। (मित्र लड़कों को उपहार बाँटता है।)

3. माता बालकेभ्यः भोजनं पूरयति। (माँ लड़कों का भोजन भरती है।)

4. शिक्षकः बालकेभ्यः पाठं पठयति। (शिक्षक लड़कों को पाठ पढ़ाते हैं।)

5. पिता बालकेभ्यः आशीर्वादं करोति। (पिता लड़कों को आशीर्वाद देते हैं।)


आगे की विभक्तियों (पंचमी, षष्ठी, सप्तमी, संबोधन) के वाक्य भी इसी क्रम में बनाए जाएँगे। यदि आप पूरी सूची चाहते हैं तो बताइए।. माता बालकेभ्यः भोजनं पूरयति। (माँ लड़कों का भोजन भरती है।)

4. शिक्षकः बालकेभ्यः पाठं पठयति। (शिक्षक लड़कों को पाठ पढ़ाते हैं।)

5. पिता बालकेभ्यः आशीर्वादं करोति। (पिता लड़कों को आशीर्वाद देते हैं।)


आगे की विभक्तियों (पंचमी, षष्ठी, सप्तमी, संबोधन) के वाक्य भी इसी क्रम में बनाए जाएँगे। यदि आप पूरी सूची चाहते हैं तो बताइए।


एकवचन (बालकः)


1. बालकः पाठं पठति। (लड़का पाठ पढ़ता है।)

2. बालकः उद्यानं गच्छति। (लड़का बगीचे में जाता है।)

3. बालकः फलं खादति। (लड़का फल खाता है।)

4. बालकः जलं पिबति। (लड़का पानी पीता है।)

5. बालकः क्रीडति। (लड़का खेलता है।)


द्विवचन (बालकौ)


1. बालकौ गीतं गायतः। (दो लड़के गीत गाते हैं।)

2. बालकौ उद्यानं भ्रमतः। (दो लड़के बगीचे में घूमते हैं।)

3. बालकौ विद्यालयं गच्छतः। (दो लड़के विद्यालय जाते हैं।)

4. बालकौ पुस्तके लिखतः। (दो लड़के पुस्तक में लिखते हैं।)

5. बालकौ फलानि खादतः। (दो लड़के फल खाते हैं।)


बहुवचन (बालकाः)


1. बालकाः नदीं स्नानं कुर्वन्ति। (लड़के नदी में स्नान करते हैं।)

2. बालकाः गृहे गच्छन्ति। (लड़के घर जाते हैं।)

3. बालकाः गजं पश्यन्ति। (लड़के हाथी को देखते हैं।)

4. बालकाः पुस्तकानि पठन्ति। (लड़के पुस्तकें पढ़ते हैं।)

5. बालकाः क्रीडायां रमतः। (लड़के खेल में रमते हैं।)


द्वितीया विभक्ति (कर्म)


एकवचन (बालकम्)


1. गुरुः बालकम् आह्वयति। (गुरु लड़के को बुलाते हैं।)

2. माता बालकम् शिक्षयति। (माँ लड़के को सिखाती है।)

3. मित्रः बालकम् क्रीडायां निमन्त्रयति। (मित्र लड़के को खेल में बुलाता है।)

4. पिता बालकम् आशीर्वादं ददाति। (पिता लड़के को आशीर्वाद देते हैं।)

5. शिक्षकः बालकम् पाठं पठयति। (शिक्षक लड़के को पाठ पढ़ाते हैं।)


द्विवचन (बालकौ)


1. माता बालकौ भोजनं ददाति। (माँ दो लड़कों को भोजन देती है।)

2. गुरुजनः बालकौ पाठं पठयति। (गुरु दो लड़कों को पाठ पढ़ाते हैं।)

3. मित्रः बालकौ निमन्त्रयति। (मित्र दो लड़कों को बुलाता है।)

4. राजा बालकौ पुरस्कारं ददाति। (राजा दो लड़कों को पुरस्कार देते हैं।)

5. शिक्षकः बालकौ उपदेशं करोति। (शिक्षक दो लड़कों को उपदेश देते हैं।)


बहुवचन (बालकान्)


1. गुरुः बालकान् शिक्षां ददाति। (गुरु लड़कों को शिक्षा देते हैं।)

2. माता बालकान् प्रेम्णा आलिङ्गयति। (माँ लड़कों को प्रेम से गले लगाती है।)

3. मित्रः बालकान् पुस्तकानि ददाति। (मित्र लड़कों को किताबें देता है।)

4. राजा बालकान् पुरस्कृतं करोति। (राजा लड़कों को सम्मानित करता है।)

5. शिक्षकः बालकान् परीक्षा लिखयति। (शिक्षक लड़कों को परीक्षा लिखाते हैं।)


तृतीया विभक्ति (करण)


एकवचन (बालकेन)


1. बालकेन पुस्तकं पठ्यते। (लड़के द्वारा पुस्तक पढ़ी जाती है।)

2. बालकेन चित्रं अंकितं। (लड़के द्वारा चित्र बनाया गया।)

3. बालकेन मित्रं सहायतं करोति। (लड़के ने मित्र की सहायता की।)

4. बालकेन फलं खद्यम्। (लड़के ने फल खाया।)

5. बालकेन क्रीडा शोभते। (लड़के से खेल शोभित होता है।)


द्विवचन (बालकाभ्यां)


1. बालकाभ्यां पुस्तकं रचितम्। (दो लड़कों ने किताब लिखी।)

2. बालकाभ्यां वृक्षः सीचितः। (दो लड़कों ने पेड़ सींचा।)

3. बालकाभ्यां पठनं कृतम्। (दो लड़कों ने पढ़ाई की।)

4. बालकाभ्यां खेलं दर्शितम्। (दो लड़कों ने खेल दिखाया।)

5. बालकाभ्यां उद्यानं शोभितम्। (दो लड़कों से बगीचा शोभित हुआ।)


बहुवचन (बालकैः)


1. बालकैः गीतं गायते। (लड़कों द्वारा गीत गाया गया।)

2. बालकैः गृहं शोभते। (लड़कों से घर शोभित होता है।)

3. बालकैः कार्यं समाप्तम्। (लड़कों ने कार्य समाप्त किया।)

4. बालकैः फलानि संगृहीतानि। (लड़कों ने फल इकट्ठा किए।)

5. बालकैः उद्यानं भ्रमितम्। (लड़कों ने बगीचे में भ्रमण किया।)


चतुर्थी विभक्ति (सम्प्रदान)


एकवचन (बालकाय)


1. माता बालकाय भोजनं ददाति। (माँ लड़के को भोजन देती है।)

2. पिता बालकाय उपदेशं ददाति। (पिता लड़के को उपदेश देते हैं।)

3. गुरुः बालकाय पाठं पठयति। (गुरु लड़के को पाठ पढ़ाते हैं।)

4. मित्रः बालकाय उपहारं ददाति। (मित्र लड़के को उपहार देता है।)

5. शिक्षकः बालकाय पुरस्कारं लिखति। (शिक्षक लड़के के लिए पुरस्कार लिखते हैं।)


द्विवचन (बालकाभ्यां)


1. माता बालकाभ्यां भोजनं पूरयति। (माँ दो लड़कों को भोजन भरती है।)

2. पिता बालकाभ्यां आशीर्वादं ददाति। (पिता दो लड़कों को आशीर्वाद देते हैं।)

3. मित्रः बालकाभ्यां फलम् अर्पयति। (मित्र दो लड़कों को फल देता है।)

4. शिक्षकः बालकाभ्यां पाठं पठयति। (शिक्षक दो लड़कों को पाठ पढ़ाते हैं।)

5. राजा बालकाभ्यां पुरस्कारं ददाति। (राजा दो लड़कों को पुरस्कार देते हैं।)


बहुवचन (बालकेभ्यः)


1. गुरुजनः बालकेभ्यः शिक्षां ददन्ति। (गुरु लड़कों को शिक्षा देते हैं।)

2. मित्रं बालकेभ्यः उपहारं वितरति। (मित्र लड़कों को उपहार बाँटता है।)

3. माता बालकेभ्यः भोजनं पूरयति। (माँ लड़कों का भोजन भरती है।)

4. शिक्षकः बालकेभ्यः पाठं पठयति। (शिक्षक लड़कों को पाठ पढ़ाते हैं।)

5. पिता बालकेभ्यः आशीर्वादं करोति। (पिता लड़कों को आशीर्वाद देते हैं।)


आगे की विभक्तियों (पंचमी, षष्ठी, सप्तमी, संबोधन) के वाक्य भी इसी क्रम में बनाए जाएँगे। यदि आप पूरी सूची चाहते हैं तो बताइए।